RBI Loan Rule: जो लोग नहीं चुका पाते लोन, उनके लिए वरदान है RBI का ये नियम

इस नियम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लोन की किस्तों को नहीं चुका पा रहा है, तो उसे लोन रीस्ट्रक्चरिंग के तहत लोन को पुनर्गठित करने की सुविधा प्राप्त होती है।

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Reported by अतुल कुमार

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RBI Loan Rule: जो लोग नहीं चुका पाते लोन, उनके लिए वरदान है RBI का ये नियम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन चुकाने में असमर्थ लोगों के लिए एक नियम बनाया है। यह नियम डिफॉल्ट होने से बचाने और लोन चुकाने में आसानी प्रदान करने में मदद करता है।

यदि आपने भी आरबीआई से लोन लिया है अथवा आप लोन लेने की सोच रहें हैं तो आपके लिए यह जानकारी लाभदायक होगी। RBI Loan Rule की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस आर्टिकल को अंत तक ध्यानपूर्वक पढ़ें।

यह नियम क्या है?

क्रेडिट इंफोर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (CIBIL) एक संस्था है जो लोगों के ऋण और क्रेडिट कार्ड खर्चो की आदतों को मॉनिटर करती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि असुरक्षित ऋण (क्रेडिट कार्ड से खर्च) लेने की आदत लोगों में बढ़ रही है। पर्सनल लोन भी कोविड-19 महामारी से पहले के स्तर से अधिक हो गया है।

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यदि आपने 10 लाख रुपये का ऋण लिया है और किसी कारण से उसे चुका नहीं पा रहे हैं, तो आप RBI की लोन रीस्ट्रक्चरिंग गाइडलाइंस के अनुसार ऋण को पुनर्गठित कर सकते हैं। इसके तहत, आपको 5 लाख रुपये तुरंत चुकाने होंगे और शेष 5 लाख रुपये को लंबी अवधि में धीरे-धीरे चुका सकते हैं। इससे आपके ऊपर EMI का दबाव कम हो जाएगा।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग क्या है?

लोन रीस्ट्रक्चरिंग में लोन की शर्तों में बदलाव किया जाता है। यह बदलाव लोन चुकाने में आसानी प्रदान करने के लिए किया जाता है।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग के तहत किए जा सकने वाले बदलाव:

  • लोन की अवधि बढ़ाना: इससे ईएमआई कम हो जाएगी।
  • ब्याज दर कम करना: इससे लोन पर देय ब्याज कम हो जाएगा।
  • लोन की राशि कम करना: यह केवल विशेष मामलों में ही किया जाता है।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए पात्रता

  • लोन चुकाने में असमर्थता: आपको यह साबित करना होगा कि आप लोन चुकाने में असमर्थ हैं।
  • अच्छा क्रेडिट इतिहास: आपका क्रेडिट इतिहास अच्छा होना चाहिए।
  • बैंक की नीतियां: बैंक की अपनी नीतियां भी हो सकती हैं।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लाभ

  • डिफॉल्ट से बचाव: यह आपको डिफॉल्ट होने से बचा सकता है।
  • लोन चुकाने में आसानी: यह लोन चुकाने में आसानी प्रदान करता है।
  • ब्याज कम: यह लोन पर देय ब्याज कम कर सकता है।

लोन रीस्ट्रक्चरिंग के नुकसान

  • लोन की अवधि बढ़ने से कुल ब्याज बढ़ सकता है।
  • बैंक शुल्क: बैंक लोन रीस्ट्रक्चरिंग के लिए शुल्क ले सकता है।

यह जानकारी आपको RBI के लोन रीस्ट्रक्चरिंग नियमों को समझने और लोन चुकाने में सहायता प्राप्त करने में मदद करेगी।

यह जानकारी लोगों को लोन चुकाने में सहायता प्राप्त करने में मदद कर सकती है। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे दूसरों के साथ भी शेयर करें।

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