टेंशन हो या डिप्रेशन…पहले खुद से बात करें, मेंटल हेल्थ होगी बेहतर

सेल्फ टॉक अपने विचारों और भावनाओं के बारे में खुद से बात करना है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपको अपनी भावनाओं को समझने, अपने विचारों को चुनौती देने और अपने मन को शांत करने में मदद करती है।

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Reported by अतुल कुमार

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टेंशन हो या डिप्रेशन...पहले खुद से बात करें, मेंटल हेल्थ होगी बेहतर

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हम अक्सर तनाव, चिंता और अवसाद का शिकार हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन समस्याओं से निपटने का एक शक्तिशाली तरीका आपके पास मौजूद है? जी हां, यह है सकारात्मक आत्म-चर्चा! आपके विचारों का आपके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

जब आप नकारात्मक विचारों में डूबे रहते हैं, तो आपका आत्मविश्वास कमजोर होता है, आप तनावग्रस्त और चिंतित महसूस करते हैं, और आप गलत निर्णय लेने की संभावना अधिक होती है।

लेकिन जब आप सकारात्मक आत्म-चर्चा करते हैं, तो आप अपने आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं, तनाव को कम कर सकते हैं, और बेहतर निर्णय ले सकते हैं। यहाँ हम आपको टेंशन या डिप्रेशन कम करने के लिए कुछ तरीके बताने जा रहें हैं जिन्हें अपनाकर आपकी मेन्टल हेल्थ बेहतर हो सकती है।

सेल्फ टॉक क्या है?

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सेल्फ टॉक अपने विचारों और भावनाओं के बारे में खुद से बात करना है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो आपको अपनी भावनाओं को समझने, अपने विचारों को चुनौती देने और अपने मन को शांत करने में मदद करती है।

सेल्फ टॉक के कुछ फायदे

  • भावनाओं को समझने में मदद करता है: जब आप अपने मन में चल रहे विचारों और भावनाओं पर ध्यान देते हैं, तो आप उन्हें बेहतर ढंग से समझने लगते हैं।
  • नकारात्मक विचारों को दूर करता है: जब आप अपने विचारों को चुनौती देते हैं, तो आप नकारात्मक विचारों को दूर कर सकते हैं और सकारात्मक सोच विकसित कर सकते हैं।
  • तनाव और अवसाद से निपटने में मदद करता है: सेल्फ टॉक आपको तनाव और अवसाद से निपटने में मदद कर सकता है।
  • आत्मविश्वास बढ़ाता है: जब आप खुद से सकारात्मक बातें करते हैं, तो आपका आत्मविश्वास बढ़ता है।
  • बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है: जब आप अपने विचारों को स्पष्ट रूप से समझते हैं, तो आप बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
  • संचार कौशल में सुधार करता है: सेल्फ टॉक आपको अपने विचारों और भावनाओं को दूसरों के सामने स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में मदद करता है।
  • समस्याओं को हल करने में मदद करता है: जब आप अपने विचारों को व्यवस्थित रूप से सोचते हैं, तो आप समस्याओं को बेहतर ढंग से हल कर सकते हैं।
  • अधिक रचनात्मक बनने में मदद करता है: सेल्फ टॉक आपको नए विचारों और समाधानों के साथ आने में मदद करता है।
  • अधिक खुश और संतुष्ट जीवन जीने में मदद करता है: जब आप अपनी भावनाओं को समझते हैं और अपने विचारों को नियंत्रित करते हैं, तो आप अधिक खुश और संतुष्ट जीवन जी सकते हैं।

सेल्फ टॉक कैसे करें:

  • एक शांत जगह ढूंढें और बैठ जाएं।
  • अपनी आँखें बंद करें और गहरी सांस लें।
  • अपने मन में चल रहे विचारों और भावनाओं पर ध्यान दें।
  • खुद से सवाल पूछें, जैसे कि “मैं अभी क्या महसूस कर रहा हूं?”, “मेरे मन में क्या चल रहा है?”, “क्या यह विचार सच है?”, “क्या मैं इस विचार को बदल सकता हूं?”
  • अपने आप को सकारात्मक बातें बताएं, जैसे कि “मैं मजबूत हूं”, “मैं यह कर सकता हूं”, “मैं ठीक हो जाऊंगा”।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि सेल्फ टॉक में समय लगता है। हतोत्साहित न हों यदि आपको शुरुआत में कोई परिणाम नहीं दिखता है। नियमित रूप से अभ्यास करते रहें और आप धीरे-धीरे सुधार देखेंगे।

यहाँ कुछ अतिरिक्त संसाधन दिए गए हैं जो आपको उपयोगी लग सकते हैं:

  • मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन: 022-27546669
  • मानसिक स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय पोर्टल पर जाएं।
  • आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन: 091-24311919

आप अकेले नहीं हैं। मदद उपलब्ध है। कृपया मदद के लिए संपर्क करने में संकोच न करें। अपनी मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

सेल्फ टॉक आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। आज ही इसे आजमाएं और देखें कि यह आपके जीवन में क्या बदलाव लाता है!

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